HomeहलचलTRP को लेकर चैनलों में घमासान, आज तक और रिपब्लिक में आरोप-प्रत्यारोप

TRP को लेकर चैनलों में घमासान, आज तक और रिपब्लिक में आरोप-प्रत्यारोप

मुंबई। गुरुवार 8 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने TRP रैकेट के भंडाफोड़ का दावा किया। TRP मतलब टीवी चैनलों की लोकप्रियता नापने का पैमाना। मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि इस मामले में दो चैनलों के मालिकों को गिरफ्तार किया गया है। इस कथित फर्जीवाड़े में बड़ा नाम ‘रिपब्लिक टीवी’ का भी जुड़ा। उन्होंने बताया कि BARC ने जो एनालिटिक रिपोर्ट सबमिट की है, उसमें रिपब्लिक टेलीविजन का भी नाम आया। उसकी टीआरपी के संदिग्ध ट्रेंड देखे गए हैं। ऐसे कस्टमर्स, जिनको अप्रोच किया गया था, हमने उन्हें बुलाकर पूछताछ की, तो उन्होंने माना कि विशेष चैनल को ऑपरेट करने के लिए उनको पैसा दिया गया था। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

आरोप झेल रहे ‘रिपब्लिक टीवी’ के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी का इस मामले में बयान आया। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद अर्नब गोस्वामी ने आरोप लगाया कि जिस एफआईर की बात हो रही है उसमें इंडिया टुडे का भी नाम है। लेकिन पुलिस ने इंडिया टुडे की बजाय रिपब्लिक टीवी को फंसाने की कोशिश की है, उनका कहना है कि इंडिया टुडे के खिलाफ शिकायत 6 अक्टूबर को की गई थी।

TRP को लेकर रिपब्लिक टीवी की सफाई

रिपब्लिक टीवी का कहना है कि उसने हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर नितिन देवकर द्वारा दायर FIR को देखा है। ये कंपनी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल BARC के बार-ओ-मीटर को स्थापित करने और उसके संचालन के लिए जिम्मेदार है। रिपब्लिक टीवी ने कहा, मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार, विशाल

भंडारी- हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के रिलेशनशिप मैनेजर ने खुलासा किया है कि इंडिया टुडे और अन्य चैनलों ने उन्हें घरों में पैनल लगाने के लिए पैसे की पेशकश की। इसके अलावा विनय नामक व्यक्ति ने भंडारी से नवंबर 2019 में 5 घरों का रुख करने के लिए कहा और उन्हें 2 घंटे रोजाना इंडिया टुडे देखने को कहा।

आरोप लगने के बाद इंडिया टुडे ने इस मामले में मुंबई पुलिस से बात की। मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर से इस बारे में इंडिया टुडे ने पूछा कि एफआईआर में कुछ चैनलों का नाम लिया गया।  एफआईआर में क्या था और जांच में क्या पता चला?

एफआईआर पर जांच को लेकर कमिश्नर का बयान

जॉइंट कमिश्नर ने बताया,

एफआईआर में इंडिया टुडे चैनल का नाम लिया गया है, लेकिन जब आरोपी से हमने पूछताछ की तो उसने इंडिया टुडे का नाम ना लेते हुए, रिपब्लिक टीवी, फक्त मराठी और बॉक्स सिनेमा. तीन चैनल का नाम लिया। हमने जब उन हाउसहोल्डर्स का स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया, उन्होंने भी तीन चैनलों का नाम लिया। अब तक की जांच में इन तीन चैनलों के खिलाफ एविडेंस बरामद हुए हैं, लेकिन हमारी तफ्तीश का एंगल पूरा ओपन है। इंडिया टुडे या बाकी चैनलों के खिलाफ जो भी एविडेंस मिलता है, हमारी जांच उस आधार पर आगे बढ़ेगी। एफआईआर से इंवेस्टिगेशन शुरू होता है, लेकिन जांच के लिए पुख्ता सबूत होना चाहिए. जांच अब भी ओपन है।

अर्नब गोस्वामी का प्रत्यारोप

अर्नब गोस्वामी का कहना है कि यह जांच दुर्भावानापूर्ण है और बदले की कार्रवाई है, क्योंकि वह मुंबई पुलिस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ खुलकर बोल रहे थे। उन्होंने पुलिस कमिश्ननर के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज करने की धमकी दी है। राज्य के सत्तारूढ़ दल के राजनीतिज्ञों के खिलाफ व्यक्तिगत हमलों को लेकर अर्नब गोस्वामी के​ खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ है। इसके बाद से ही ​अर्नब गोस्वामी और पुलिस कमिश्नर के बीच लड़ाई चल रही है। सुशांत सिंह राजपूत केस में महाराष्ट्र सरकार ने आरोप लगाया है कि अर्नब गोस्वामी फेक न्यूज चला रहे हैं और दुष्प्रचार कर रहे हैं। अर्नब पर यह भी आरोप सरकार ने लगाया है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को प्रसारित कर रहे हैं, जिससे यूट्यूब पर साजिश थ्योरी चलाने वालों को बढ़ावा मिल रहा है।

यह भी पढ़ें – मुंबई पुलिस ने लगाया रिपब्लिक टीवी पर पैसे देकर TRP खरीदने का आरोप, अर्नब ने कहा माफ़ी मांगो

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