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वैक्सीन बर्बादी से बचने का खास तरीका अपनाकर टीकाकरण में सबसे आगे निकला का यह राज्य…

कोरोना महामारी के कठिन दौर में देश के लोगों ने अपनी हिम्मत और हौसले से कई बड़ी चुनौतियों को पार किया है। वहीं सरकारें भी इस महामारी से लड़ने का पूरा प्रयास कर रही हैं। साथ ही साथ देश के लोग भी इस महामारी से लड़ने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। देश में ऐसे अनगिनत, अनसुने नायक हैं, जो महामारी के समय में भी सब कुछ भूलकर लोगों की सेवा करने में जुटे हुए हैं।

कोविड टीकाकरण में देश के अग्रणी राज्यों में से एक

इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश ने कोरोना वैक्सीन टीकाकरण में न केवल देशभर में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि कोरोना वैक्सीन की बर्बादी भी राज्य में न के बराबर है। प्रदेश में टीकाकरण में हिमाचल प्रदेश सरकार का प्रीमियर स्वास्थ्य संस्थान, आईजीएमसी शिमला लक्ष्य से अधिक टीकाकरण कर रहा है और यहां अब तक कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज बर्बाद नहीं हुई है।

कोरोना वैक्सीन का ऐसे किया जा रहा भरपूर इस्तेमाल

कोरोना वैक्सीन की एक वाइल में 10 डोज का प्रावधान है, क्योंकि कंपनी हर वाइल में निर्धारित मात्रा से कुछ मिलीलीटर वैक्सीन दवा अधिक डालती है। ऐसे में आईजीएमसी शिमला का टीकाकरण केंद्र वैक्सीन की इस अतिरिक्त मात्रा का शत-प्रतिशत उपयोग कर रहा है।

आईजीएमसी में टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. साद रिजवी के अनुसार एक वाइल से 10 के स्थान पर 11. 27 डोज निकाली जा रही है और अब तक 18 से 44 वर्ष के निर्धारित पांच सौ लोगों के स्थान पर 541 लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया जा चुका है। उनका कहना है कि आईजीएमसी शिमला एक वैक्सीन की डोज एक जिंदगी बचाने के फॉर्मूले पर काम कर रहा है।

लाभार्थी के गैरहाजिर होने पर ऐसे बचाई जाती है वैक्सीन की बर्बादी

आईजीएमसी शिमला में कोरोना वैक्सीन टीकाकरण केंद्र में साइट मैनेजर डॉ. गोपाल आशीष शर्मा के अनुसार वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए टीकाकरण टीम पहले ही यह सुनिश्चित कर लेती है कि टीका लगवाने वाला लाभार्थी सेंटर आ रहा है या नहीं। किसी भी लाभार्थी के गैर हाजिर रहने पर नए सिरे से स्लॉट खुलकर अगले लाभार्थी का चयन किया जाता है।

इस केंद्र पर अब तक सभी आयुवर्ग के लोगों को लगाया जा चुका है टीका

आईजीएमसी शिमला में अभी तक सभी आयु वर्ग के 13 हजार से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जा चुका है। ऐसे में जब वैक्सीन की बर्बादी को रोकने के लिए देशभर में जोरशोर से आवाजें उठ रही हैं, वहीं आईजीएमसी की यह उपलब्धी अन्य टीकाकरण केंद्रों के लिए एक प्रेरणादायक है।

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