Homeमजबूर भारतदिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और आसपास विरोध प्रदर्शन पर लगाया प्रतिबंध

दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और आसपास विरोध प्रदर्शन पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और इसके आसपास के इलाकों में किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। हाथरस गैंगरेप मामले में बढ़ते आक्रोश प्रदर्शन को लेकर यह निर्णय लिया गया है।

इस संबंध में डीसीपी दिल्ली ने ट्वीट कर कहा, ‘सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने की वजह से इंडिया गेट के आसपास किसी सभा की इजाजत नहीं है।’

हालांकि, पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ‘जन साधारण को सूचित किया जाता है कि तीन सितंबर के दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश के तहत जंतर मंतर पर कुल 100 लोग इकट्ठा हो सकते हैं। हालांकि इसके लिए भी संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

इंडिया गेट और उसके आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू होने से किसी एक जगह पर एक समय में चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते।

हाथरस कांड पर विरोध स्वरूप इंडिया गेट पर किया गया था कैंडल मार्च

गुरुवार को इंडिया गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यूपी के हाथरस जिले में 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर कैंडल लाइट मार्च किया था। इसके अलावा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कई छात्र संगठनों ने भी इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया था। हाथरस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए शुक्रवार को भी कई संगठनों ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस मामले को लेकर देश के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 14 सितंबर को 19 साल की दलित युवती के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने के साथ बलात्कार किया था। इस मामले में सवर्ण जाति के चार युवकों पर इस जघन्य अपराध का आरोप है। पीड़िता की रीढ़ की हड्डी और गर्दन में गंभीर चोटें आई थीं। कहा जाता है कि आरोपियों ने उनकी जीभ भी काट दी थी। उनका इलाज अलीगढ़ के एक अस्पताल में चल रहा था।

करीब 10 दिन के इलाज के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 सितंबर को युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर उनकी सहमति के बिना आननफानन में युवती का अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है।

आनन फानन में किये गये अंतिम संस्कार से उप्र पुलिस पर उठे सवाल

युवती के भाई की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों- संदीप (20), उसके चाचा रवि (35) और दोस्त लवकुश (23) तथा रामू (26) को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या के प्रयास के अलावा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारक अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार द्वारा पीड़ित के पिता को कथित तौर पर धमकी देने का एक वीडियो भी सामने आया था। जिसके बाद मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली की आलोचना हो रही है।

युवती की मौत के बाद विशेष रूप से जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्वत: संज्ञान लिया। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उत्तर प्रदेश पुलिस से जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने पर जवाब मांगा है।

यह भी पढ़ें – हाथरस बलात्कार कांड – फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता का बलात्कार हुआ ही नहीं – ADG प्रशांत कुमार

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