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उत्तर प्रदेश: बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह अब भी पकड़ से बाहर

लखनऊ। बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह घटना के बाद अब भी पकड़ से बाहर है। इस घटना में एक युवक की भाजपा नेता धीरेंद्र सिंह द्वारा की गई फायरिंग में मौत हो गई थी। यूपी पुलिस की 10 टीमें मुख्य आरोपी व स्थानीय बीजेपी नेता धीरेंद्र सिंह को अभी पकड़ नहीं पाई है।

इस बीच, मुख्य आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं को निर्दोष करार देते हुए दावा किया है कि बृहस्पतिवार की घटना में उसके परिवार के एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है तथा आधा दर्जन लोग घायल हैं।

धीरेंद्र ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शुक्रवार को जारी वीडियो में स्वयं को पूर्व सैनिक संगठन का अध्यक्ष बताया है। उसने कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी में उसके 80 वर्षीय वृद्ध पिता व भाभी पर हमला किया गया। हमलावर लाठी डंडे व अवैध असलहा से लैस थे।

मृतक के परिजनों ने की मुआवजे की मांग

वहीं मृतक के परिवार ने कहा, ‘हम न्याय की मांग करते हैं। साथ ही 50 लाख रुपए का मुआवजा, पत्नी के लिए पेंशन और बेटे के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग करते हैं।’

बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने मुख्य आरोपी के पक्ष में बयान दिया है। धीरेंद्र को सुरेंद्र सिंह का करीबी माना जाता है। विधायक सुरेंद्र सिंह ने एक शुक्रवार को मीडिया को एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि धीरेंद्र सिंह अगर आत्मरक्षा में गोली नहीं चलाता तो उसके परिवार के दर्जनों लोग मारे जाते। विधायक के मुताबिक, ‘दूसरे पक्ष के कई लोग बुरी तरह घायल हैं तो उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए।’

बीजेपी विधायक ने इस वीडियो में आगे कहा, ‘जो घटना हुई है वह निंदनीय है, लेकिन पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।’ विधायक ने इस बात की भी पुष्टी की कि धीरेंद्र बीजेपी का ही नेता है। धीरेंद्र बीजेपी के फ्रंटल संगठन सैनिक कल्याण प्रकोष्ठ से जुड़ा रहा है। विधायक के मुताबिक, उसने विधायक के पक्ष में विधानसभा में जमकर प्रचार किया था। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी वह बीजेपी वर्कर के तौर पर सक्रिय था।

मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह अब भी फरार

बलिया एसपी के पीआरओ ने बताया कि फिलहाल इस मामले में नामजद 8 आरोपियों में 2 की गिरफ्तारी हुई है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह अब भी फरार है, पुलिस की 10 टीमें उसे खोज रही हैं उम्मीद है कि वह जल्दी पकड़ा जाएगा। योगी सरकार ने इस मामले में वहां मौजूद एसडीएम, सीओ, एसओ और सभी पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया है।

बलिया में ये गोलीकांड दो दुकानों के आवंटन को लेकर हुआ। एसपी देवेंद्र नाथ ने बीते गुरुवार को मीडिया को बताया कि बलिया के दुर्जनपुर गांव में दो दुकानों के आवंटन के लिए पंचायत भवन पर बैठक बुलाई गई जिसमें गोलीबारी हो गई। इस दौरान एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। दो दुकानों के लिए चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया था। इसमें वहां एक दुकान के लिए सहमति नहीं बन सकी तो दो स्वयं सहायता समूहों के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया।

एसपी के मुताबिक, एक पक्ष के लोग पहचान पत्र लेकर नहीं आए थे जिसको लेकर हंगामा खड़ा हुआ और वहां गोली चल गई जिसमें दुर्जनपुर के 46 वर्षीय जयप्रकाश की मौत हो गई। फिर मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया। सोशल मीडिया पर गोलीकांड का वीडियो वायरल हो गया था। विपक्षी दल इस मुद्दे पर योगी सरकार व यूपी पुलिस पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

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